यूएस थिंक टैंक की राय, यदि पाक आतंकवाद से बाज़ न आए तो आतंकी ठिकानों पर हमले से नहीं हिचके अमेरिका

नई दिल्ली : अमेरिकी विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि पाकिस्तान के साथ डील करते समय अमेरिका को अपने विकल्पों की समीक्षा करनी चाहिये। उन्होंने कहा है कि यदि भारत जैसे देशों में हमला करने वाले आतंकियों को मदद देना बंद नहीं करता है, तो पाकिस्तान के खिलाफ एकतरफा हमला करने से भी उसे नहीं हिचकना चाहिये।
इंटरनेशनल सिक्योरिटी एंड डिफेंस पॉलिसी सेंटर रैंड कोऑपरेशन के निदेशक सेथ जी जोन्स ने संसद की विदेश मामलों की समिति से कहा अमेरिकी कांग्रेस ने हाल के सालों में पाकिस्तान को दी जाने वाली सैन्य सहायता में कमी कर दी है और विदेशी सैन्य फाइनांस तक पाकिस्तान की पहुंच से दूर कर दिया है।
उन्होंने कहा, ‘लेकिन आज भी पाकिस्तान को दी जा रही अमेरिकी सहायता में और भी कटौती की जा सकती है।’ साथ ही उन्होंने कहा कि चुनिंदा तौर पर कुछ संगठनों और व्यक्तियों के खिलाफ आर्थिक प्रतिबंधों लागू किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका अन्य देशों को भी ऐसे ही कदमों पर विचार करने के लिए कह सकता है।
उन्होंने कहा, ‘अमेरिका को पाकिस्तान से अपने विकल्पों को लेकर समीक्षा करनी चाहिये। उदाहरण को तौर पर, अमेरिका, पाकिस्तान की सहायता के बिना भी वहां पर सुरक्षित तालिबानी ठिकानों पर दबाव बना सकता है।
अमेरिका पाकिस्तान को भविष्य में एक अच्छे और मजबूत संबंधों का हवाला देकर उसे आतंकी संगठनों से संबंधों को खत्म करने के लिये कह सकता है।

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