जिला प्रशासन से मदद की बाट जोह रहा है भारोत्तोलक खिलाड़ी

लखीमपुर: लगभग 2 दशक तक भारोत्तोलक खेल में राष्ट्रीय फलक पर परचम लहराने वाला खिलाड़ी गम्भीर बीमारी के कारण आर्थिक व शारीरिक रूप बेहद कमजोर व दयनीय स्थिति में शासन व प्रशासन से मदद की बाट जोह रहा है।
भौगोलिक दृष्टि से सूबे के सबसे बड़े जिले लखीमपुर के सिकटिया मोहल्ले के निवासी हरिराम निगम ने 1984 में भारोत्तोलक खेल में कदम रखा था।हर क्षेत्र में अव्वल रहने वाले इस खिलाड़ी ने लखीमपुर से निकल भारोत्तोलक खेल में प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर तमाम सम्मान अर्जित किये।बायां पैर चोटिल होने के दौरान गुर्दा संक्रमित हो गया था।गुर्दे काम न करने की वजह से रक्त में बढ़ी असुद्धियाँ दूर करने की वजह से रक्तपोहन(डायलिसिस) प्रक्रिया से उपचार शुरू हुआ।इधर इलाज मंहगा होने की वजह से खिलाड़ी इस कदर टूट गया कि पत्नी के जेवर तक बिक गए।भारी भार उठाने की कूवत रखने वाला यह भारोत्तोलक आर्थिक व शारीरिक रूप से इस कदर टूट गया कि हाल में जिलाधिकारी खीरी को एक पत्र लिखकर मदद की गुहार लगाई।फिलहाल स्थिति यह है कि पत्नी के जेवर तक बिक चुके हैं और शारीरिक व आर्थिक रूप से अर्श से फर्श पर पहुंच चुके गुर्दा बीमार व तीमारदार प्रशासन से मदद की बाट जोह रहे हैं।

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