रक्षाबंधन 2017: राखी बांधने के लिए बहनों के पास सिर्फ ढाई घंटे!

भाई-बहन के प्रेम के प्रतीक रक्षा बंधन सात अगस्त को मनाया जाएगा. इसी दिन सावन का अन्तिम सोमवार भी है. इस पावन दिन पर चंद्र ग्रहण पड़ रहा है और भद्रा नक्षत्र का योग बन रहा है.

रक्षाबंधन पर्व ग्रहण के साये में है. इस साल भाई-बहन के प्रेम के प्रतीक रक्षाबंधन के त्योहार को मनाने के लिए सिर्फ ढाई घंटे का समय मिलेगा.

इस दौरान कोई भी शुभ कार्य करना अच्छा नहीं माना जाता है इसलिए ऐसा हो रहा है. इससे पहले 2005 में रक्षाबंधन के दिन ग्रहण पड़ा था. ज्योतिषियों का कहना है कि यह बेहद अशुभ संयोग है.

ज्योतिष गणित के अनुसार सुबह 11.04 बजे तक भद्रा है. इसके बाद दोपहर 1:29 बजे से चंद्रग्रहण का सूतक लग जाएगा. इस बीच 11:05 से लेकर दोपहर 1:28 तक यानि ढाई घंटे तक ही राखी बांधी जाएगी.

भद्रा और सूतक के दौरान रक्षाबंधन नहीं मनाया जा सकता है. यह अशुभ होता है. हालांकि चंद्रग्रहण रात 10.53 बजे से शुरू होगा जो मोक्षकाल देर रात 12.48 बजे तक रहेगा लेकिन इसका सूतक 9 घंटे पहले ही लग जाएगा.

यह चंद्र ग्रहण मेष, सिंह, वृश्चिक व मीन राशि वालों के लिए शुभ है. वृष, कर्क, कन्या व धनु राशि के लिए सामान्य और मिथुन, तुला, मकर व कुंभ राशि वालों के लिए अशुभ है. जिनके लिए ग्रहण अशुभ है उनके लिए इसे देखना अशुभ फलदायी होगा. ग्रहण के दौरान अपने आराध्य भगवान का पूजन करें, खाने पीने की चीजों में तुलसी का पत्ता डाल दें.

ध्यान रखें इस बीच गर्भवती महिलाएं घर से बाहर न निकलें.
चंद्रग्रहण का समय
8:20 से लेकर रात 2 बजे तक.
प्रभाव सबसे अधिक शाम 8:50 से लेकर 11:50 तक रहेगा.

Comments

comments

7 thoughts on “रक्षाबंधन 2017: राखी बांधने के लिए बहनों के पास सिर्फ ढाई घंटे!

Comments are closed.