बेतहाशा फीस वृद्धि के विरोध में लामबंद हुए अभिभावक

अनिल कुमार श्रीवास्तव: आर्थिक रूप से कमजोर बच्चो को बेहतरीन शिक्षा देने के उद्देश्य से बसपा सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत नोएडा-ग्रेटर नोएडा शिक्षा समिति द्वारा संचालित गौतमबुद्धनगर के चारो विद्यालयों में फीस की बेतहासा वृद्धि का मामला तूल पकड़ता जा रहा है।प्राधिकरण द्वारा वित्तीय सहायता से हांथ खींचने के बाद फीस में हुई जबरदस्त इजाफे को लेकर अभिभावक व स्थानीय नेता आर पार की लड़ाई के मूड में उतर आए हैं।

उल्लेखनीय है कि गौतमबुद्धनगर बालक इंटर कालेज, पंचशील, महामाया व सावित्रीबाई फूले बालिका इंटर कालेज नामक विद्यालय 2010 से बसपा के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत क्षेत्र के आर्थिक कमजोर परिवारों के बच्चों को कम पैसे में बेहतर शिक्षा से लाभान्वित कर रहे थे।जिसको वित्तीय सहायता प्राधिकरण दे रहा था। ग्रेटर नोएडा व नोएडा प्राधिकरणो ने आर्थिक स्थिति सही न होने का हवाला देते हुए इस सत्र वित्तीय सहायता से हाथ खींच लिए और बोर्ड बैठक में विद्यालय प्रशासन को फीस बढ़ाने की मंजूरी मिल गयी।विद्यालय प्रशासन ने अपने अपने विद्यालयों में समूचे खर्च मिलाकर कुल फीस में दोगुने से ज्यादा फीस बिल बनाकर अभिभावकों को सौंप दिया।अप्रत्याशित तरीके से हुई बेतहासा फीस बृद्धि को लेकर अभिभावकों की नाराजंगी चरम पर पहुंच गई।अभिभावक संघ, अभिभावकों व स्थानीय नेताओं ने इन चारों विद्यालयों पर प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराना शुरू कर दिया है।अभिभावक संघ के नेता राजेश पंडित, सत्य प्रकाश नागर, वीपी साहू, राजेश श्रीवास्तव, रामपाल गड़रिया, कुलदीप गुर्जर आदि ने फीस बृद्धि वापसी की मांग को लेकर बड़े विरोध की चेतावनी दी है।आज इस सिलसिले में अभिभावकों का एक दल संघ अध्यक्ष राजेश पंडित की अगुवाई में स्थानीय विधायक पंकज सिंह से मिला, जिस पर विधायक श्री सिंह ने आश्वासन दिया कि अतिशीघ्र इन विद्यालयों को उत्तर प्रदेश सरकार की मान्यता की सिफारिश करेंगे।सूरजपुर के अभिभावक अनिल श्रीवास्तव ने आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ट्वीट कर फीस बृद्धि वापसी की मांग की है।बसपा से विस प्रत्याशी रहे रवि मिश्रा ने केंद्र व प्रदेश सरकार के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर तंज कसते हुए कहा कि बेटियों को तो मुफ्त शिक्षा मिलनी चाहिये।

कुल मिलाकर बच्चो को बेहतर शिक्षा देकर उज्ज्वल भविष्य का सपना सँजोये आर्थिक कमजोर परिवारों पर तो मानो गाज सी गिर गयी हो।सर्वशिक्षा अभियान पर अर्थ ग्रहण लगाती इस फीस बृद्धि पर यदि जल्द ही अभिभावक संतुष्टि फैसला नही लिया गया तो लामबंद अभिभावक मुख्यमंत्री की ड्योढी पर जाकर अपनी फरियाद करने से नही चूकेंगे।उधर विरोध दिन ब दिन तेज होने के कारण मामले पर सियासी रंग भी चढ़ता दिखाई दे रहा है, लेकिन आर्थिक संकट से जूझ रहे अभिभावक किसी बड़े फैसले के इंतजार में हैं।

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