दिल्ली-एनसीआर में पुराने वाहनों के परिचालन पर एनजीटी की रोक बरकरार, आपको क्या करना चाहिए?

Share it!

नई दिल्ली। नैशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल ने केंद्र सरकार की याचिका ठुकराते हुए दिल्ली-एनसीआर में 10 साल से ज्यादा पुरानी गाड़ियों के परिचालन पर रोक को बरकरार रखा है। केंद्र सरकार ने रोक से संबंधित एनजीटी के पहले के आदेश में बदलाव करने की गुहार लगाई थी। एनजीटी ने गुरुवार के अपने आदेश में कहा कि एक डीजल गाड़ी 24 पेट्रोल गाड़ियों और 40 सीएनजी वीइकल्स के बराबर प्रदूषण फैलाती है। बहरहाल, इससे दिल्ली की जहरीली हवा साफ करने में मदद तो मिलेगी, लेकिन डीजल वाहन मालिकों को कष्ट भी होगा। ये दिल्ली में 10 साल या इसके आसपास की पुरानी गाड़ियां न चला सकेंगे और न ही इन्हें बेचना भी आसान होगा।

नई डीजल कार खरीदनी चाहिए?
पुरानी गाड़ियों पर पाबंदी बरकरार रहने से दिल्ली में पेट्रोल कारों की बिक्री बढ़ जाएगी और डीजल संचालित कारों की बिक्री घटेगी। इसलिए थोड़ा इंतजार करने पर आपको सस्ते में बिल्कुल नई डीजल कार मिल जाएगी क्योंकि मांग घटने से कीमत गिरना तय है। चूंकि पुरानी गाड़ियों की दिल्ली-एनसीआर में अच्छी कीमत नहीं मिलनेवाली, इसलिए आप इन्हें देश के दूसरे हिस्से में बेचकर अच्छे पैसे पा सकते हैं। हालांकि, अगर वहां भी ऐसे ही नियम लागू हो गए तो डीजल वाहनों की कीमत तो धड़ाम हो जाएगी।

पुरानी डीजल कारों का क्या करें?

अगर आपकी कार पुरानी हो चुकी है, लेकिन अभी ठीक-ठाक हालत में है तो आप ऑटो कंपनियों की एक्सचेंज स्कीम का फायदा उठाकर नई कार ले सकते हैं। आपको पुरानी गाड़ी बेचने पर अच्छे पैसे तो मिलने के आसार बेहद कम हैं। ऐसे में एक्सचेंज ऑफर फायदेमंद हो सकता है। कार निर्माता कंपनी अक्सर आठ साल से ज्यादा पुरानी गाड़ियों के लिए एक्सचेंज ऑफर नहीं देतीं, लेकिन ताजा फैसले के मद्देनजर ऐसी स्कीम निकाल सकती हैं जो खरीदार और विक्रेता, दोनों के लिए फायदेमंद हो। अगर आपकी कार अच्छी स्थिति में नहीं है तो आप इसे पड़ोसी राज्यों में कहीं बेच सकते हैं। दूर-दराज के क्षेत्रों में कार की थोड़ी ज्यादा कीमत मिल सकती है।

दिल्ली-एनसीआर में रहना है?
अगर आप नए-नए दिल्ली-एनसीआर में बसनेवाले हैं तो एनजीटी के ताजा फैसले के मद्देनजर तैयारियां पहले ही कर लें और दिल्ली शिफ्ट होने से पहले ही डीजल गाड़ी बेच लें। दिल्ली-एनसीआर में लंबे सफर की जरूरतों के मद्देनजर आप नई डीजल कार खरीदने की सोच सकते हैं क्योंकि पेट्रोल कार पर खर्च बढ़ जाएगा। हलांकि, हकीकत यह भी है कि पेट्रोल कार की उम्र ज्यादा होती है और बाद में बेचने पर डीजल कार के मुकाबले उसकी बेहतर कीमत मिलती है।

Comments

comments